Friday, October 15, 2010

नाथपंथी साहित्य सन्दर्भ

बगैर नाथपंथी साहित्य सन्दर्भ रहित लेख गढवाली कविता इतिहास नहीं

डा. विष्णु दत्त कुकरेती के अनुसार नाथ साहित्य में ढोलसागर, दमौसागर, घटस्थापना, नाद्बुद, चौडियावीर, मसाण, समैण, इंद्रजाल, कामरूप जाप, महाविद्या, नर्सिंग की चौकी, अथ हणमंत, भैर्बावली, नर्सिंग्वाळी, छिद्रवाळी, अन्छरवाळी, सैदवाळी, मोचवाळी, रखवाळी, मैमदा रखवाळी, काली रखवाळी. कलुवा रखवाळी, डैण रखवाळी, ज्यूडतोड़ी रखवाळी, मन्तरवाळी, फोड़ी बयाळी, कुर्माख़टक, गणित प्रकाश, संक्राचारी विधि, दरीयाऊ, ओल्याचार, भौणा बीर, मन्तर गोरील काई, पंचमुखी हनुमान, भैर्वाष्ट्क, दरिया मन्तर, सर्व जादू उक्खेल, सब्दियाँ, आप रक्षा, चुड़ा मन्तर, चुड़ैल का मन्त्र, दक्खण दिसा, लोचडा की वैढाई, गुरु पादिका, श्रीनाथ का सकुलेश, नाथ निघंटु आदि काव्य शास्त्र प्रमुख हैं।  
@Bhishma Kukreti 

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