Wednesday, August 04, 2010

बिगास

ब्वै का सौं
ब्याळी ही अड़ेथेल छौ मिन्
तुमारा गौं खुणि बिगास

परसी त ऐ छा मैंमु
तुमारा मुल्क का बिधैक
ब्लोक का प्रमुख
गौं का परधान
बिगास कि खातिर

ऊंका गैल मा छा
सोरा-सरिक
द्वी-येक चकड़ैत
जण्ण चारे-क लठैत
परैमरी का मास्टर जी
पैरा चिंणदारा ठेकेदार
चाट पूंजि खन्दारा गल्लेदार

सिफारिशि फोन बि ऐगे छा
लाट साबूं का
रोणत्या ह्‍वेक मांगणा छा बिगास
सब्बि भरोसू देगेन् मिथैं
कमी-शनि बुखणौ कू

मेरि बि धरिं छै
वे दिनी बटि/ कि
आज मि मांगणू छौं बोट
भोळ मिन् तुम
मंगत्या नि बणै/ त
अपड़ि ब्वै कू.........!

जा फंडु जा गौं
जागणूं होलू तुमतैं बिगास
जागणूं होलू तुमारि मवसि कू

कॉपीराइट- धनेश कोठारी 

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