Wednesday, August 22, 2012

गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 06

ख्वों न खौं बल चौबटा मा रौं

आत्मा बैरि बल गिच्चूा

औ खुंड बल म्यारा मुंड

असमौ मास बि मळसा का पिंड
अर समौ मास बि मळसा का ई पिंड

न जौं बिराणि मंडेलि न लौं बल पूंछ गंडेलि

उंड फंड्वा बल चुल्ला फुंड
अर चुल्ला फुंड्वा उंड फंड

दानौं कू ब्व‍ल्यूं अर औंला कू स्वाद
बाद मा औंदू बल याद

सोरा पैलि त खड्यवन्
निथर ठट्टा तब्बि लगावन्

तू कोळी बल मैं ल्वार
अर तेरु मेरु क्यै ब्यूवार

बाटू चिफळु कन्न

धारा-धरि जाण

परवाण होण

जगदी मुच्छया‍ळी पिछनै औंदि

स्रोत- बुढ़ पुराणौं से सुणि अर अन्य माध्यमूं से संकलित
संकलनकर्ता - धनेश कोठारी

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