Thursday, August 02, 2012

गढ़वाळी औखाणा (कहावतें) 02

 सिंग पल्यो ण
 कंटर बांधणू
 चंद्रैण कन्न‍
 सुद्दी कि मुंडाठेल
 घोळ मथौळ कन्नूा
 हंस ना कागा
 गीत लगणा
 नौ धरेणा
 जोनि जड़ी खाणू
 गंगा जी का जौ
 थूकै पकोड़ी पकौण
 तातू दूद होणू
 निद्यो कू बल घट्ट छीजू
 बिराळी कू सिखायूं बाग
 बिराळा बाग बल कितल्डा नाग
 था था थुमि होणू

स्रोत- बुढ़ पुराणौं से सुणि अर अन्य माध्यदमूं से संकलित
संकलनकर्ता - धनेश कोठारी,

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