Wednesday, August 15, 2012

गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 05

बंदर बांठी

बिराळौं सि लड़ै

हौंसिया उमर

दानौ हात

आटू चौंळ कू भौ

जंद्यो खुर्सेण

ढ्यबरि टैट

अंगुल्या गणत

बांजौं बर्खण

घाम बरखा स्याळौ कू ब्यौ

खौळा सट्टि भोळा ब्यो
ब्वारियो सगोर बल सपड़्वका मा ई

सट्टि अर मनखि कि जात कैन गणि सकिन्



स्रोत- बुढ़ पुराणौं से सुणि अर अन्य माध्यंमूं से संकलित

संकलनकर्ता - धनेश कोठारी

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