12 May, 2019

मेरि ब्वै खुणै नि आइ मदर्स डे (गढ़वाली कविता)


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पयाश पोखड़ा//

मेरि तींदि गद्यलि निवताणा मा,
मेरि गत्यूड़ि की तैण रसकाणा मा,
लप्वड़्यां सलदरास उखळजाणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

सर्या राति मेरि पीठ थमथ्याणा मा,
मि सिवळणा को बेमाता बुलाणा मा,
सिर्वणा दाथि कण्डळि लुकाणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

बिसगीं दूदी फर ल्वै चुसाणा मा,
पैनी हडक्यूं की माळा बिनाणा मा,
अफु रुंदा रुंदा भि मी बुथ्याणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

तातु पाणि परतिम स्यळाणा मा,
फेरि मनतता पाणिम नवाणा मा,
बाढ़ ज्वनि, बाढ़ बाढ़ करणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

धकि धैं धै कैरिक नचाणा मा,
था ले,था ले बोलिक हिटाणा मा,
खुट्यूं छुणक्या धगुलि पैराणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

मेरि जूंका की दवै ल्याणा मा,
द्यप्तों का ठौ मा मुण्ड नवाणा मा,
धौ संदकै मीथैं मंथा मा ल्याणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

खटुला फर मेरि खुटळि लगाणा मा,
डांडौं बटैकि घास लखुड़ु ल्याणा मा,
छनि म गौड़ि भैंस्यूं थैं पिजाणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

गुड़ गट्टा नौणि रोटि खवाणा मा,
छंछ्या कि थकुलिम लूण रलाणा मा,
लाटा, हौरि खा, हौरि खा ब्वलणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

मेरि पाटि ब्वळख्या सजाणा मा,
अधम्यरम तक इसकोल फट्याणा मा,
इसकोल आंदा जांदा अड़ाणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

किताब कौपि पिनसन ल्याणा मा,
फीसी कि इक्कैक पैसि कमाणा मा,
मास्टरु का हथ खुट्टा दबाणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

दसा का इमत्यान पास करणा मा,
सर्या गौं मा भ्यलि गिंदड़ा बंटणा मा,
ऐथर नौकरि की गाणि स्याणी करणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

कर्जपात कैरि मीथैं भैर भ्यजणा मा,
अफु खै निखैकि पैसा जमा करणा मा,
च्यूड़ा अखोड़ा की कुटरि धरणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

दिन रात बौलु भुरत्या करणा मा,
स्वारा भारौं कि हींस रींस सुणणा मा,
हैळ हळ्यौ दगड़ हथपैंछि ज्वड़णा मा,
मेरि ब्वै खुण, नि आइ मदर्स डे ||

भ्यलि सिराणी नौकरि लगणा मा,
मीथैं अपणा खुटौं खड़ा करणा मा,
हुणत्यळि आस की फंचि उठाणा मा,
मेरि ब्वै खुण, नि आइ मदर्स डे ||
पेंटिंग साभार- सरोजनी डबराल ‘सरु’

हर साल बर्सफल द्यखाणा मा,
सिरफळ थै मोळि पैराणा मा,
जलम पतड़ा थैं पिठै लगाणा मा,
मेरि ब्वै खुण, नि आइ मदर्स डे ||

मैकु नौनि ब्वारी ख्वज्याणा मा,
बामणा का घौर आणा जाणा मा,
मीथै सीरा मकोट पैराणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

अपणि नथुलि बुलाक त्वड़ाणा मा,
ब्वारी खुणै गुलोबन्द बणाणा मा,
सात फूल्यूं मा पीना लगाणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

नौना कु बिगरैलि ब्वारी ल्याणा मा,
लछमि ऐलि हमर खल्याणा मा,
सर्या जिंदगि की खैरि बिसराणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

नौना ब्वारी को परदेस जाणा मा,
रंत रैबार चिठि पतरि नि आणा मा,
टपरांदा सासा लग्यां पराणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

जिंदगि की जग्वाळ करणा मा,
न म्वरणा मा अर ना बचणा मा,
आंदा-जांदा म्यारु बाटु ह्यरणा मा,
मेरि ब्वै खुणै, नि आइ मदर्स डे ||

इंटरनेट प्रस्तुति- धनेश कोठारी

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