अथ श्री उत्तराखंड दर्शनम् ~ BOL PAHADI

12 September, 2017

अथ श्री उत्तराखंड दर्शनम्

नेत्र सिंह असवाल //

https://bolpahadi.blogspot.in/
जयति जय-जय देवभूमि, जयति उत्तराखंड जी
कांणा गरूड़ चिफळचट्ट, मनखि उत्तणादंड जी।

तेरि रिकदूंल्यूं की जै-जै, तेरि मुसदूल्यूं की जै
त्यारा गुंणी बांदरू की, बाबा बजि खंड जी।

इक मिनिस्टर धुरपिळम् पट, एक उबरा अड़गट्यूं
हैंकू खांदम नप्प ब्वादा, धारी म्यारू डंड जी।

माट मंग ज्वन्नि व मेंहनत, मोल क्वी नी खेति कू
यू बुढ़ापा पिनसन छ, रोग जमा फंड जी।

मुंड निखोळू करिगीं बगतळ, ऊ भगत त्यरा तरि गईं
जौंकि दुयया जगा टंगड़ी, ऊंकि अकळाकंड जी।

दुख दलेदर कष्ट मिटलो, नौनु बूंण जालु जी
गांणि-स्याणि-ताणि निशिदिन, रीटिगे बरमंड जी।

परदेस अपणू देस अभि भी, अभि भि देसी’ ‘पहाड़िजी
बत्तीस सीढ़ी कुरदराकी, अभि भि घळचाघंड जी।

Popular Posts

Blog Archive

Our YouTube Channel

Subscribe Our YouTube Channel BOL PAHADi For Songs, Poem & Local issues

Subscribe